Uncategorized

महाभारत के कुछ प्रेरक श्लोक क्या हैं

महाभारत के प्रेरक श्लोक: जीवन को दिशा देने वाले अमृत वचन

नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम्। देवीं सरस्वतीं चैव ततो जयमुदीरयेत्॥ अर्थ — अंतर्यामी नारायण भगवन श्री कृष्ण उनके सखा नर रत्न अर्जुन उनकी लीला प्रकट करने वाली देवी सरस्वती और उनके वक्ता भगवान व्यास को नमस्कार करके आसुरी संपतियों का नाश करके अन्तः करण पर विजय प्राप्त कराने वाले महाभारत का पाठ करना चाहिए यदा …

महाभारत के प्रेरक श्लोक: जीवन को दिशा देने वाले अमृत वचन Read More »

महाभारत: धर्म, कर्म और मानव जीवन का सबसे बड़ा महाकाव्य

महाभारत: धर्म, कर्म और मानव जीवन का सबसे बड़ा महाकाव्य

भूमिका: महाभारत क्यों आज भी ज़रूरी है? महाभारत सिर्फ़ एक प्राचीन ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन का आईना है। इसमें युद्ध है, लेकिन उससे ज़्यादा नैतिक संघर्ष है। इसमें भगवान हैं, लेकिन उनसे ज़्यादा इंसानी कमज़ोरियाँ हैं। आज के समय में भी जब हम सत्ता, लालच, रिश्ते, न्याय और कर्तव्य के बीच उलझते …

महाभारत: धर्म, कर्म और मानव जीवन का सबसे बड़ा महाकाव्य Read More »

 संकटा चतुर्थी

संकटा चतुर्थी व्रत कथा – संकटों से मुक्ति का पावन उपाय

संकटा चतुर्थी व्रत कथा (Sankata Chaturthi Vrat Katha) संकटा चतुर्थी क्या है? संकटा चतुर्थी भगवान श्री गणेश को समर्पित एक अत्यंत शुभ व्रत है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं, बाधाएँ …

संकटा चतुर्थी व्रत कथा – संकटों से मुक्ति का पावन उपाय Read More »

Apara Ekadashi: Paapon se Mukti aur Punya ki Praapti ka Paavan Din

अपरा एकादशी: पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति का पावन दिन

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। हर माह में दो एकादशी तिथियाँ आती हैं – शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में। इन्हीं में से एक है “अपरा एकादशी”, जो ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन व्रत, उपवास और भगवान विष्णु की आराधना करने से समस्त …

अपरा एकादशी: पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति का पावन दिन Read More »

पौष रविवार व्रत की पौराणिक कथा

पौष रविवार की पौराणिक कथा – श्रद्धा, भक्ति और संकल्प का पर्व

भारतीय संस्कृति में प्रत्येक महीना, हर तिथि और सप्ताह का हर दिन अपने भीतर कोई न कोई आध्यात्मिक संदेश समेटे हुए होता है। इन्हीं में से एक है पौष माह का रविवार, जिसे कई स्थानों पर आदित्य व्रत, सूर्य उपासना दिवस या पौष रविवार व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन सूर्य …

पौष रविवार की पौराणिक कथा – श्रद्धा, भक्ति और संकल्प का पर्व Read More »

25 नवंबर 2025 को अयोध्या राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह

अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण: 25 नवंबर 2025 का ऐतिहासिक दिन

25 नवंबर 2025 को अयोध्या राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह: आस्था, संस्कृति और राष्ट्रभावना का अनोखा संगम भारत में जब भी आस्था, संस्कृति और परंपरा की बात होती है, अयोध्या का नाम सबसे पहले आता है। यह केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं का केंद्र है। राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण भारतीय …

अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण: 25 नवंबर 2025 का ऐतिहासिक दिन Read More »

दीपावली: रोशनी, उत्सव और आध्यात्मिकता का पर्व

दीपावली: रोशनी, उत्सव और आध्यात्मिकता का पर्व

भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है जहाँ हर त्योहार अपने आप में एक नई खुशी, नई उम्मीद और एक नई ऊर्जा लेकर आता है। इन्हीं त्योहारों में सबसे खास और भव्य पर्व है — दीपावली (Diwali)। इसे रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है, जो अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर …

दीपावली: रोशनी, उत्सव और आध्यात्मिकता का पर्व Read More »

रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई अर्थ सहित

रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई | रामायण की चौपाई | रामायण चौपाई

रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई अर्थ सहित बिनु सत्संग विवेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई॥ सठ सुधरहिं सत्संगति पाई। पारस परस कुघात सुहाई॥ अर्थ : सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और राम जी की कृपा के बिना वह सत्संग नहीं मिलता, सत्संगति आनंद और कल्याण की जड़ है। दुष्ट भी सत्संगति पाकर …

रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई | रामायण की चौपाई | रामायण चौपाई Read More »

गणेश चतुर्थी पूजा विधि

गणेश चतुर्थी पूजा विधि : महत्व ,भगवान गणेश की उत्पत्ति की कथा

गणेश चतुर्थी पूजा विधि : महत्व-                                                                                                    …

गणेश चतुर्थी पूजा विधि : महत्व ,भगवान गणेश की उत्पत्ति की कथा Read More »

श्री रामचन्द्र जी का राजतिलक-2 , अयोध्या काण्ड

श्री रामचन्द्र जी का राजतिलक-2 , (अयोध्या काण्ड)

  “रचहु मंजु मनि चौकें चारू ,कहहु बनावन बेगि बजारू। पूजहु गनपति गुर कुलदेवा ,सब बिधि करहु भूमिसुर सेवा “|| अयोध्या में सुन्दर मणियों के मनोहर चौक पुरवाओ और बाजार को तुरंत सजाने के लिए कह दो। श्री गणेश जी, गुरु और कुलदेवता की पूजा करो और भूदेव ब्राह्मणों की सब प्रकार से सेवा करो …

श्री रामचन्द्र जी का राजतिलक-2 , (अयोध्या काण्ड) Read More »

Scroll to Top