Hanuman Jayanti Ke Niyam :
हनुमान जयंती इस साल 2 अप्रैल, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। जिसमें भक्त भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, हनुमानजी की पूजा के समय कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना आवश्यक होता है।
ऐसे में आइए जानते हैं की पूजा का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए हनुमान जयंती के किन नियमों का ख्याल रखना चाहिए।
हनुमान जयंती का त्योहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। भक्त इस दिन विधि-विधान से बजरंगबली की पूजा और साथ ही व्रत भी करते हैं।
ऐसी मान्यता है कि, भगवान हनुमान की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से उनका आशीर्वाद भक्तों पर बना रहता है। साथ ही, जीवन से भय दूर होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
हालांकि, शास्त्रों में भगवान हनुमानजी की पूजा के कुछ महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं जिनका ध्यान रखना आवश्यक होता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं की बजरंगबली का आशीर्वाद और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए हनुमान जयंती के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
हनुमान जयंती के दिन क्या नहीं करना चाहिए ?

भगवान हनुमान की पूजा करते समय इस बात का विशेष ख्याल रखें की इस दौरान भूलकर भी पंचामृत का प्रयोग नहीं करना चाहिए। बजरंगबली की पूजा में पंचामृत का प्रयोग करना वर्जित माना जाता है।
अगर आप हनुमान जयंती के दिन व्रत करते हैं, तो भूलकर भी इस दिन नमक का प्रयोग नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
हनुमानजी की पूजा में पान अर्पित करते समय इस बात का ख्याल रखें की कभी भी चूना लगा हुआ पान भगवान को अर्पित नहीं करना चाहिए।
भगवान हनुमान की पूजा में काले रंग या सफेद रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। ऐसा करने से हनुमानजी रुष्ट हो सकते हैं।
हनुमान जयंती के दिन भूलकर भी तामसिक भोजन जैसे- लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
महिलाएं हनुमानजी की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान :
हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की पूजा के समय महिलाओं को उनकी मूर्ति को स्पर्श नहीं करनी चाहिए। क्योंकि, हनुमानजी को ब्रह्मचारी माना गया है और साथ ही महिलाओं को माता का दर्जा भी प्राप्त है।
मान्यता है की महिलाओं को हनुमानजी की पूजा में उन्हें वस्त्र, जनेऊ, चोला आदि अर्पित नहीं करना चाहिए। इसके लिए आप अपने परिवार के किसी पुरुष की सहायता ले सकते हैं।
महिलाओं को हनुमानजी की पूजा में बजरंगबाण का पाठ नहीं करना चाहिए। ऐसा करना वर्जित माना जाता है।
हनुमान जयंती के दिन क्या करना चाहिए?
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि के पश्चात लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। साथ ही, इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
अगर आप हनुमान जयंती का व्रत करते हैं, तो सुबह उठकर हनुमानजी का स्मरण करते हुए सबसे पहले व्रत का संकल्प करना चाहिए।
बजरंगबली को रोट लड्डू और केला अत्यंत प्रिय है। ऐसे में उनकी पूजा में इनका भोग जरूर लगाना चाहिए। साथ ही, आप गुड़ और भुने हुए चने का भी भोग लगा सकते हैं।
हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
महिलाएं हनुमानजी की पूजा में वस्त्र, जनेऊ, चोला आदि चीजें घर के किसी पुरुष से अर्पित करा सकती हैं।
भगवान हनुमान को मीठा पान अर्पित करना भी शुभ माना गया है। ऐसा करने बजरंगबली की कृपा प्राप्त हो सकती है।
मान्यता है की भगवान हनुमान ने प्रभु राम के प्रेम को प्राप्त करने के लिए अपने पूरे शरीर पर सिंदूर का लेपन कर लिया था। ऐसे में हनुमानजी के हनुमान जयंती पर चोला जरूर अर्पित करना चाहिए।
हनुमान जयंती पर तुलसी के 108 पत्ते लेकर उन पर राम नाम लिखकर भगवीन हनुमान को अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त हो सकता है।