राम जी का नामकरण संस्कार | चौपाई अर्थ सहित
राम जी का नामकरण संस्कार “कछुक दिवस बिते एही भाँति , जात न जानिअ दिन अरु राती। नामकरण कर अवसर जानी , भूप बोलि पठए मुनि ग्यानी “।। राजा दशरथ तथा माताओं का समय ऐसे बिता की दिन और रात का पता ही नहीं चला और भगवान श्री राम के नामकरण संस्कार का …


