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श्रीराम

राजसभा में श्रीराम जी के यश और सुन्दरता का बखान

राज्य सभा में श्रीराम जी के यश और सुन्दरता का बखान   राज्य सभा में श्रीराम जी के यश और सुन्दरता का बखान श्रीराम चन्द्र जी अपने छोटे भाई लक्ष्मण जी और गुरु वशिष्ठ जी के साथ राजा दशरथ जी के धनुषशाला में पहुँचते है । जहाँ पर भगवान परशुराम जी का दिव्य धनुष रखा …

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Ramayan: श्री राम-लक्ष्मण पहुंचे धनुष यज्ञ भूमि

Ramayan: “सतानंद पद बंदि प्रभु बैठे गुर पहिं जाइ। चलहु तात मुनि कहेउ तब पठवा जनक बोलाइ।।” शतानंद जी के चरणों की वंदना करके प्रभु श्री राम जी गुरु जी के पास जाकर बैठे तब मुनि ने कहा हे तात चलो जनक जी ने बुलावा भेजा है चलकर सीता जी के स्वयंवर को देखना चाहिए …

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माता सीता

श्रीरामजी ने माता सीता की सुन्दरता की तुलना चन्द्रमा से की

श्रीरामजी ने माता सीता की सुन्दरता की तुलना चन्द्रमा से की पुष्पवाटिका में सीताजी से मिलन के बाद श्रीराम चन्द्रजी मन ही मन खुश हैं। “ह्रदयँ सराहत सीय लोनाई , गुरु समीप गवने दोउ भाई । राम कहा सबु कौसिक पाहीं , सरल सुभाउ छुअत छल नाहीं ।।” ह्रदय में सीता जी के सौन्दर्य की …

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सीताजी का राम जी के प्रति मोहित होना

सीताजी का राम जी के प्रति मोहित होना , तथा माता गिरिजा जी का सीताजी को आशिर्वाद

सीताजी का राम जी के प्रति मोहित होना , तथा माता गिरिजा जी का सीताजी को आशिर्वाद   “तात जनकतनया यह सोई, धनुषजग्य जेहि कारन होई। पूजन गौरि सखीं लै आईं, करत प्रकासु फिरइ फुलवाई।।” राम जी लक्ष्मण जी कहते हैं , तात यह वही जनक जी की कन्या है जिसके लिए धनुष यज्ञ हो …

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राम तथा लक्ष्मण जी का पुष्प वाटिका भ्रमण , माता सीता से प्रथम मिलन

राम तथा लक्ष्मण जी का पुष्प वाटिका भ्रमण , माता सीता से प्रथम मिलन   “उठे लखनु निसि बिगत, सुनि अरुनसिखा धुनि कान। गुरु तें पहिलेहिं जगतपति , जागे रासु सुजान।।” रात बीतने पर मुर्गे की बांग सुनकर लक्ष्मण जी उठे तथा जगत के स्वामी सुजान श्रीरामचन्द्र जी भी गुरु जी से पहले उठ गये। …

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राम और लक्ष्मण

श्री राम लक्ष्मण जी का जनकपुर आगमन

श्री राम लक्ष्मण जी का जनकपुर आगमन   ” चले राम लक्ष्मण मुनि संगा , गए जहाँ जग पावनि गंगा। गाधिसूनु सब कथा सुनाई , जेहि प्रकार सुरसरि महि आई ।। “ श्री राम और लक्ष्मण जी मुनि के साथ चले वे वहाँ गये , जहाँ जगत को पवित्र करने वाली गंगा जी थी । …

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गौतम मुनि की पत्नी अहिल्या उद्धार: चौपाई अर्थ

गौतम मुनि की पत्नी अहिल्या उद्धार: चौपाई अर्थ

गौतम मुनि की पत्नी अहिल्या का उद्धार       ।।राम सीया राम सीया राम जय जय राम ।। “नाम है तेरा तारण हारा ,कब तेरा दर्शन होगा । जिनकी प्रतिमा इतनी सुंदर वो कितनी सुंदर ।। तुमनें तारे लाखों प्राणी ,यह संतों की वाणी है।। यह संतों की वाणी है ,तेरी छवि पर वो मेरे …

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गुरु विश्वामित्र आगमन और ताड़का-मारीच वध || रामचरितमानस बालकांड चौपाई

गुरु विश्वामित्र आगमन, ताड़का तथा मारीच वध   “जहँ जप जग्य जोग मुनि करहीं । अति मारीच सुबाहुहि डरहीं ।। देखत जग्य निसाचर धावहिं । करहिं उरद्रव मुनि दुख पावहिं ।।”   गुरु विश्वामित्र के आश्राम में जब मुनि लोग जप , यज्ञ , योग करते थे तब मारीच और सुबाहु नाम के दो राक्षर …

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राम जी की बाल्यावस्था व शिक्षा | चौपाई अर्थ सहित

  राम जी की बाल्यावस्था एंव शिक्षा   सुख संदोह मोहपर ग्यान गिरा गोतीत । दंपति परम प्रेम बस कर सिसुचरित पुनीत ।। जो सुख के पुज्ज ,   मोह से परे तथा ज्ञान , वाणी और इन्द्रियों से अतीत है , वे भगवान् दशरथ – कौसल्या के अत्यन्त प्रेम के वश होकर  पवित्र बाल लीला …

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राम जी का नामकरण संस्कार | चौपाई अर्थ सहित

राम जी का नामकरण संस्कार   “कछुक दिवस बिते एही भाँति , जात न जानिअ दिन अरु राती। नामकरण कर अवसर जानी , भूप बोलि पठए मुनि ग्यानी “।।   राजा दशरथ तथा  माताओं का समय ऐसे बिता की दिन और रात का पता ही नहीं चला और भगवान श्री राम के नामकरण संस्कार का …

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