महाभारत के प्रेरक श्लोक: जीवन को दिशा देने वाले अमृत वचन
नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम्। देवीं सरस्वतीं चैव ततो जयमुदीरयेत्॥ अर्थ — अंतर्यामी नारायण भगवन श्री कृष्ण उनके सखा नर रत्न अर्जुन उनकी लीला प्रकट करने वाली देवी सरस्वती और उनके वक्ता भगवान व्यास को नमस्कार करके आसुरी संपतियों का नाश करके अन्तः करण पर विजय प्राप्त कराने वाले महाभारत का पाठ करना चाहिए यदा …
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