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पौष रविवार व्रत की पौराणिक कथा

पौष रविवार की पौराणिक कथा – श्रद्धा, भक्ति और संकल्प का पर्व

भारतीय संस्कृति में प्रत्येक महीना, हर तिथि और सप्ताह का हर दिन अपने भीतर कोई न कोई आध्यात्मिक संदेश समेटे हुए होता है। इन्हीं में से एक है पौष माह का रविवार, जिसे कई स्थानों पर आदित्य व्रत, सूर्य उपासना दिवस या पौष रविवार व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन सूर्य …

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25 नवंबर 2025 को अयोध्या राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह

अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण: 25 नवंबर 2025 का ऐतिहासिक दिन,रामायण

25 नवंबर 2025 को अयोध्या राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह: आस्था, संस्कृति और राष्ट्रभावना का अनोखा संगम भारत में जब भी आस्था, संस्कृति और परंपरा की बात होती है, अयोध्या का नाम सबसे पहले आता है। यह केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं का केंद्र है। राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण भारतीय …

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दीपावली: रोशनी, उत्सव और आध्यात्मिकता का पर्व

दीपावली: रोशनी, उत्सव और आध्यात्मिकता का पर्व

भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है जहाँ हर त्योहार अपने आप में एक नई खुशी, नई उम्मीद और एक नई ऊर्जा लेकर आता है। इन्हीं त्योहारों में सबसे खास और भव्य पर्व है — दीपावली (Diwali)। इसे रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है, जो अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर …

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गणेश चतुर्थी की कहानी

गणेश चतुर्थी की कहानी

गणेश चतुर्थी की कहानी गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। शास्त्रों और पुराणों में उनके जन्म की कई कथाएँ मिलती हैं। सबसे प्रसिद्ध कथा इस प्रकार है – बहुत समय पहले माता पार्वती जी स्नान के लिए जा रही थीं। उन्होंने स्नानगृह की रक्षा के लिए अपने शरीर के …

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सावन की कथा: भक्ति, वर्षा और शिव के प्रेम का महीना

सावन की कथा: भक्ति, वर्षा और शिव के प्रेम का महीना

भारत में जब मानसून अपनी पहली फुहारें धरती पर बरसाता है, खेतों में हरियाली लहराने लगती है, और मौसम में एक सुहावनापन घुल जाता है, तब हम सावन के आगमन को महसूस करते हैं। सावन, जिसे श्रावण मास भी कहा जाता है, हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष का पांचवां महीना होता है। यह महीना केवल …

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भगवद गीता

भगवद गीता उपदेश: विस्तृत व्याख्या सहित

  परिचय: भगवद गीता एक हिंदू धर्म का विश्व विख्यात और एक बहुत पवित्र और प्रेरणास्पद ग्रंथ है, जो महाभारत के भीष्म पर्व के अध्याय 23 से लेकर 40 तक स्थित है। यह एक बहस भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुई, जब कुरुक्षेत्र के युद्ध में अर्जुन अपने कर्तव्यों के विषय में भ्रमित और …

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रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई अर्थ सहित

रामचरितमानस अयोध्या काण्ड अर्थ सहित

यहाँ प्रस्तुत रामचरितमानस अयोध्याकाण्ड का शुरुआती भाग है, जिसमें कुछ श्लोक और दोहा हैं। श्रीगणेशायनमः श्रीजानकीवल्लभो हवजयते श्रीरामचररतमानस हितीय सोपान श्री अयोध्या काण 1. श्लोक: “यस्याङ्के च विभवति भूधरसुतादेवी पगे मस्तके…” अर्थ: जिस भगवान की गोद में हिमालय की पुत्री पार्वती शोभायमान हैं, जिनके मस्तक पर पवित्र गंगा बह रही है, ललाट पर चंद्रमा विराजमान …

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रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई अर्थ सहित

रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई | रामायण की चौपाई | रामायण चौपाई

रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई अर्थ सहित बिनु सत्संग विवेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई॥ सठ सुधरहिं सत्संगति पाई। पारस परस कुघात सुहाई॥ अर्थ : सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और राम जी की कृपा के बिना वह सत्संग नहीं मिलता, सत्संगति आनंद और कल्याण की जड़ है। दुष्ट भी सत्संगति पाकर …

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राम नवमी

रामनवमी: भगवान श्रीराम के जन्म का पावन पर्व , (रामचरितमानस)

रामनवमी: भगवान श्रीराम के जन्म का पावन पर्व रामनवमी का त्योहार हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है, जो आमतौर पर अप्रैल या मई में आता है। इस दिन को खास इसलिए माना जाता है क्योंकि भगवान श्रीराम, जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है, इसी दिन अयोध्या में …

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Valmiki's Sundara Kanda

“सुंदरकांड” : Valmiki’s Sundara Kanda , रामायण की ज्ञानवर्धक चौपाई अर्थ सहित, रामायण की सिद्ध चौपाई

भूमिका:- सुंदरकांड रामायण का एक महत्वपूर्ण कांड है, जो हनुमानजी की वीरता, भक्ति, और साहस का परिचायक है। यह कांड श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमानजी की लंका यात्रा, सीता माता से भेंट, और लंका दहन की अद्भुत कथा को प्रस्तुत करता है। इसे तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस में बहुत ही भावपूर्ण ढंग से लिखा है। सुंदरकांड …

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