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Valmiki's Sundara Kanda

“सुंदरकांड” : Valmiki’s Sundara Kanda , रामायण की ज्ञानवर्धक चौपाई अर्थ सहित, रामायण की सिद्ध चौपाई

भूमिका:- सुंदरकांड रामायण का एक महत्वपूर्ण कांड है, जो हनुमानजी की वीरता, भक्ति, और साहस का परिचायक है। यह कांड श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमानजी की लंका यात्रा, सीता माता से भेंट, और लंका दहन की अद्भुत कथा को प्रस्तुत करता है। इसे तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस में बहुत ही भावपूर्ण ढंग से लिखा है। सुंदरकांड …

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Katha Mahashivratri Vrat

Katha Mahashivratri Vrat

Katha Mahashivratri Vrat : महाशिवरात्रि  कथा       महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इसे शिव भक्त उपवास, रात्रि जागरण और विशेष पूजन करके मनाते …

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बसंत पंचमी

बसंत पंचमी – महत्व, परंपराओं और सांस्कृतिक दृष्टिकोण

बसंत पंचमी – महत्व, परंपराओं और सांस्कृतिक दृष्टिकोण –  बसंत पंचमी: महत्व, परंपराएँ और सांस्कृतिक दृष्टिकोण भूमिका बसंत पंचमी भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विद्या, ज्ञान, संगीत, कला और ऋतु परिवर्तन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी …

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मौनी अमावस्या

मौनी अमावस्या , व्रत कथा

मौनी अमावस्या , व्रत कथा   माघ मास की अमावस्या या मौनी अमावस्या पाप धोने और मोक्ष पाने का दिन है। इस दिन लोग स्नान, दान और अपने पितरों का तर्पण करते हैं। कहते हैं कि इस दिन पवित्र संगम में देवताओं का निवास होता है, इसलिए इस दिन कई लोग महाकुम्भ में अमृत स्नान …

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कुंभ मेला की कथा

कुंभ मेला की कथा

कुंभ मेला की कथा    कुंभ मेला हिंदू धर्म का एक विशाल और विश्वप्रसिद्ध धार्मिक उत्सव है, जो श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। कुंभ मेले का आयोजन हर 12 वर्षों के अंतराल पर चार प्रमुख स्थानों—प्रयागराज (इलाहाबाद), हरिद्वार, उज्जैन और नासिक—में किया जाता है। इन स्थानों को पवित्र इसलिए माना जाता है क्योंकि …

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श्री रामचन्द्रजी का राजतिलक - 2 | रामायण की चौपाई और कथा

श्री रामचन्द्रजी का राजतिलक – 2 | रामायण की चौपाई और कथा

रामायण चौपाई हिंदी अर्थ सहित “सुनत राम अभिषेक सुहावा , बाज गहागह अवध बधावा । राम सीय तन सगुन जनाए , फरकहिं मंगल अंग सुहाए।।” श्री रामचन्द्रजी के राजतिलक की सुहावनी खबर सुनते ही अवध भर में बड़ी धूम से बधावे बजने लगे । श्री रामचन्द्रजी और सीताजी के शरीर में भी शुभ शकुन सूचित हुए …

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गणेश चतुर्थी पूजा विधि

गणेश चतुर्थी पूजा विधि : महत्व ,भगवान गणेश की उत्पत्ति की कथा

गणेश चतुर्थी पूजा विधि : महत्व-                                                                                                    …

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राम का राज्याभिषेक

राम जी का राज्याभिषेक – रामायण की चौपाई (हिंदी अर्थ सहित)

राम जी का राज्याभिषेक * सब कें उर अभिलाषु अस कहहिं मनाइ महेसु।  आप अछत जुबराज पद रामहि देउ नरेसु॥1॥  भावार्थ:-सबके हृदय में ऐसी अभिलाषा है और सब महादेवजी को मनाकर (प्रार्थना करके) कहते हैं कि राजा अपने जीते जी श्री रामचन्द्रजी को युवराज पद दे दें॥1॥ चौपाई :* एक समय सब सहित समाजा। राजसभाँ …

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श्री रामचन्द्र जी का राजतिलक-2 , अयोध्या काण्ड

श्री रामचन्द्र जी का राजतिलक-2 , (अयोध्या काण्ड , श्री रामचरितमानस)

    “रचहु मंजु मनि चौकें चारू ,कहहु बनावन बेगि बजारू। पूजहु गनपति गुर कुलदेवा ,सब बिधि करहु भूमिसुर सेवा “|| अयोध्या में सुन्दर मणियों के मनोहर चौक पुरवाओ और बाजार को तुरंत सजाने के लिए कह दो। श्री गणेश जी, गुरु और कुलदेवता की पूजा करो और भूदेव ब्राह्मणों की सब प्रकार से सेवा …

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राजतिलक प्रसंग की विशेष चौपाइयाँ

श्री राम चन्द्र जी का राजतिलक | अयोध्या काण्ड की पावन चौपाई | Ramayan Chaupai | Ram Rajyabhishek

राजतिलक प्रसंग की विशेष चौपाइयाँ                                                                 श्री राम चन्द्र जी का राजतिलक जिनकी गोद में हिमाचलसुता पार्वतीजी , मस्तक पर गंग जी, ललाट पर …

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